INDIA RAJASTHAN BIKANER



शाही स्नान के साथ परवान चढ़ा कोलायत मेला, नागा साधुओं ने दिखाए करतब

Sawai Singh Rajpurohit

BIKANER, RAJASTHAN, INDIA

शोभायात्रा के दौरान कस्बे के चौराहों पर ढोल की थाप, परम्परागत वाद्य यंत्रों के बीच अस्त्र-शस्त्र व लाठी के साथ करतब दिखाए।

सांख्य दर्शन की उद्गम स्थली एवं कपिल मुनि की तपस्थली श्रीकोलायत में कार्तिक मेला के तीसरे दिन गुरुवार को विभिन्न अखाड़ों व संप्रदाय के साधुओं ने शाही स्नान किया। इसके साथ ही मेला परवान चढ़ गया।



गुरुवार को यहां द्वादश ज्योर्तिलिंग बारह महादेव मन्दिर से विभिन्न अखाडों से जुड़े दशनाम एवं अन्य सम्प्रदाय के साधुओं की शोभायात्रा को रमता पंच दशनाम आह्वान अखाड़ा काशी के महंत सोमगिरि ने शाही स्नान के लिए भगवा ध्वज दिखाकर रवाना किया।



शोभा यात्रा में वाहन पर सजी पालकी में कपिल मुनि, दत्तात्रेय भगवान की प्रतिमा व पादुका स्थापित की गई। शोभा यात्रा का नेतृतव च्वयन नऋषि आश्रम के अधिष्ठता योगी गणेशनाथ, सरपंच देवीङ्क्षसह भाटी, रजनीशगिरी, संजयपुरी, अशोकगिरी, देवगिरी, हनुमानगिरी, महंत महावीरदास,



जंगमबाबा सत्यागिरी, भभुतिया हनुमान गिरी व महन्त रविगिरी कर रहे थे। शोभायात्रा मढ़ रोड, अम्बेडकर सर्किल, कपिल मुनि मार्ग, सदर बाजार, बैंक रोड़ ग्राम पंचायत चौराहा, राजस्व तहसील परिसर होते हुए कपिल सरोवर के मुख्य घाट पहुंची।



जहां संतों ने हर हर महादेव व कपिल मुनि के जयकारों व शंखनाद के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान हो गया। जयकारों के साथ साधुओं ने कपिल सरोवर में डुबकी लगाकर शाही स्नान की परम्परा का निर्वहन किया। स्नान के बाद कपिल मुनि चरण पादुका का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन व महाआरती की।



पुष्पवर्षा से शोभा यात्रा का स्वागत
कस्बे के सदर बाजार में व्यापार मण्डल अध्यक्ष गणेशमल पंचारिया के नेतृत्व में स्थानीय व्यापारियों सहित मेले के दौरान अस्थायी दुकान लगाकर बैठे व्यापारियों ने शोभायात्रा का पुष्प वर्षा से स्वागत किया।



नागा साधुओं ने दिखाए करतब
शोभायात्रा के दौरान कस्बे के चौराहों पर ढोल की थाप, परम्परागत वाद्य यंत्रों के बीच अस्त्र-शस्त्र व लाठी के साथ करतब दिखाए। साधुओं के करतब देखकर श्रद्धालु रोमांचित हो गए। मेले में विदेशी सैलानी भी पहुंचे।



रजनीश गिरी बने ढाई दिन का श्रीमहंत
कार्तिक पूर्णिमा मेले में अखाड़ा नियमों की परम्परा का निर्वाहन करते हुए ढाई दिन के श्रीमहन्त कोठारी व कारोबारी बनाए गए हैं। पर्व के दौरान मेले में साधुओं की व्यवस्था को सम्पादित करने के लिए रजनीश गिरी को श्रीमहन्त, संजय पुरी को कोतवाल,



अशोक गिरी को कारोबारी तथा देवगिरी को सूर्य मन्दिर का कोतवाल बनाया गया है। यह जानकारी खडेश्वरी हनुमानगिरी ने दी। इस अवसर पर रामानन्दगिरी, जंगमबाबा सत्यागिरी, गिरीशगिरी, स्वामी किशनानन्द, भभुतिया हनुमान गिरी, धर्मगिरी व संत मौजूद थे।

अधिक जानकारी के लिए जुड़े हमसे join facebook page /www.facebook.com/sawairaj11

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट